हरिशंकर परसाई जी की व्यंग्य रचना एक गो-भक्त से भेंट

इस समय गो रक्षा को ले कर पूरे देश में अचानक ही उबाल आ गया है. यह अचानक यूं ही नहीं है बल्कि चुनावों की वजह से है. गो रक्षा के नाम पर अन्य धर्मावलम्बियों को ‘विधर्मी’ घोषित कर मार डालना कहीं से भी उचित नहीं है. बंगाल के महाकवि चंडीदास ने कहा था ‘साबार […]