सुशील कुमार का आलेख ‘कविता में विचार-तत्व : कुछ नोट्स’

सुशील कुमार परिचय §    जन्म– 13/09/1964. पटना सिटी (बिहार) में। §  सम्प्रति मानव संसाधन विकास विभाग, रांची (झारखंड)  में कार्यरत। § §  प्रकाशित कृतियां– §  कविता–संग्रह – कितनी रात उन घावों को सहा है (2004),  तुम्हारे शब्दों से अलग (2011), जनपद झूठ नहीं बोलता  (2012) §  कविताएं और आलेख साहित्य की मानक-पत्रिकाओं व अंतर्जाल–पत्रिकाओं में […]

सुशील कुमार का आलेख ‘“पोएट्री मैनेजमेंट” – कविता की मदारी भाषा और नवरीतिवाद के काव्य-सौंदर्य का अन्यतम नमूना,

शुभम श्री हाल ही में कवयित्री शुभम श्री को इस वर्ष का भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार मिला है। शुभम श्री को यह पुरस्कार जलसा – 4 में छपी उनकी कविता ‘पोइट्री मैनेजमेंट’ के लिए दिया गया है। इस बार के निर्णायक हैं कवि-कहानीकार उदय प्रकाश। पुरस्कार जिस कविता पर दिया गया उस पर साहित्यिक खेमे […]

सुशील कुमार का यह समालोचनात्मक आलेख ‘जनवाद का एक धूमिल युवा चेहरा’

अरविन्द श्रीवास्तव कवि सुशील कुमार ने इधर कई समालोचनात्मक आलेख लिख कर गद्य के क्षेत्र में भी ध्यान आकृष्ट किया है। अपने ही एक समकालीन कवि अरविन्द श्रीवास्तव की कविता पर सुशील कुमार का समालोचनात्मक लेख गद्य पर उनके पकड की बानगी प्रस्तुत करता है। अपने इस आलेख में सुशील कुमार ने आलोच्य कवि की खूबियों […]

सुशील कुमार का आलेख ‘कविता की आलोचना का अर्थ और कवि की आत्ममुग्धता के खतरे’

सुशील कुमार     कोई रचना कभी भी आलोचना से परे नहीं होती। लेकिन यह भी आज आसान नहीं। समय की जटिलताओं के साथ-साथ मन-मस्तिष्क की जटिलता भी बढी है। हमें अपनी रचना की बड़ाई तो बढ़िया लगती है लेकिन हम किसी की आलोचना के एक शब्द तक को पचा नहीं पाते। आत्म-मुग्धता हममें इतना […]

सुशील कुमार की कविताएँ

भाषा शब्द बन कर कवि के पास कैसे आती है इसे जानने के लिए आपको कवि के घर जाना पड़ेगा जो अपने घर में रहते हुए भी प्रकृति से जुड़ा होता है. हो सकता है आपको वहाँ भौतिक सुविधाओं का अभाव दिखे, लेकिन आत्मीयता की सुगन्ध और समृद्धि आपको वहाँ जरुर दिखाई पड़ेगी.  ऐसी ही […]

विजेन्द्र जी की किताब ‘सौंदर्यशास्त्र : भारतीय चित्त और कविता’ पर सुशील कुमार की समीक्षा

·           किसी भी कवि को गद्य जरुर लिखना चाहिए. उसकी पहचान उसके गद्य से की जा सकती है. कवि का गद्य अन्ततः उसके कवि-कर्म को ही और निखारता है. विजेन्द्र जी हमारे समय के ऐसे महत्वपूर्ण कवि हैं जिन्होंने प्रचुर मात्रा में गद्य लेखन के साथ-साथ अद्भुत पेंटिंग्स भी बनाये हैं. कविता में सौन्दर्य […]