सत्यनारायण पटेल के उपन्यास ‘गाँव भीतर गाँव’ की शशिभूषण मिश्र द्वारा की गयी समीक्षा ‘विकास का राजनीतिक समाजशास्त्र और हाशिए का समाज’

सत्य नारायण पटेल सत्यनारायण पटेल का उपन्यास ‘गाँव भीतर गाँव’ अपने कहन और शिल्प के लिए इधर काफी चर्चा में रहा है। इस उपन्यास की एक समीक्षा लिखी है युवा आलोचक शशि भूषन मिश्र ने। आइए आज पढ़ते हैं सत्यनारायण पटेल के उपन्यास ‘गाँव भीतर गाँव’ की शशिभूषण मिश्र द्वारा की गयी समीक्षा ‘विकास का […]