सर्वेन्द्र विक्रम के कविता संग्रह ‘दुःख की बन्दिशें’ पर विशाल श्रीवास्तव की समीक्षा

कवि सर्वेन्द्र विक्रम का हाल ही में एक महत्वपूर्ण कविता संग्रह ‘दुःख की बन्दिशें’ प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह की एक समीक्षा लिखी है युवा कवि विशाल श्रीवास्तव ने। तो आइए पढ़ते हैं विशाल श्रीवास्तव की यह समीक्षा ‘पीड़ा का मद्धिम बजता हुआ राग’।  पीड़ा का मद्धिम बजता हुआ राग  विशाल श्रीवास्तव ‘‘नदी में बहता […]

अनिल त्रिपाठी के कविता संग्रह पर विशाल श्रीवास्तव की समीक्षा

कवि अपनी चेतस निगाहों से अपने आस-पास के लोगों को देखता है और उनके जीवन, उनकी पीडाओं को अपनी कविता में ढालने का यत्न करता है। उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कि उस उपेक्षित एवं विडम्बनापूर्ण जीवन और उसकी पीड़ा को अपनी कविता में कैसे व्यक्त करे? इसके लिए कवि को अपनी भाषा, […]