विमल चन्द्र पाण्डेय की कहानी ‘पर्स’

विमल चन्द्र पाण्डेय युवा कथाकार विमल चन्द्र पाण्डेय की एक कहानी ‘पर्स’ अनहद-5 में प्रकाशित हुई है. इस कहानी की पाठकों के बीच अच्छी-खासी चर्चा हो रही है. हमेशा की तरह विमल ने ऐसे कथ्यों के सहारे कहानी की बुनावट की है जो रोचक होने के साथ-साथ प्रासंगिक और यथार्थ भी है. आज की भागदौड़ […]

विमल चन्द्र पाण्डेय का आलेख ‘मुठ्ठी में तक़दीर और आँखों में उम्मीदों की दिवाली’

ऐसा नहीं है कि हर भारतीय फिल्म को फालतू और खराब ही कह दिया जाए। ‘बूट-पालिश’ एक ऐसी फिल्म है जो एक उत्कृष्ट और यादगार फिल्म है। यह फिल्म इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि ‘वह उस निराशाजनक माहौल (जो आजादी के बाद चारों तरफ दिखने लगा था) में भी उस आशा की बात की करती […]

विश्व सिनेमा पर विमल चन्द्र पाण्डेय का आलेख “मैप ऑफ़ द ह्यूमन हार्ट” : अद्भुत संयोगों से भरी अद्भुत प्रेम कहानी

विश्व के विभिन्न देशों में बनी कुछ महत्वपूर्ण फिल्मों पर पैनी नजर डाली है हमारे कवि-कहानीकार मित्र विमल चन्द्र पाण्डेय ने। विमल की फिल्मों में भी काफी रूचि और दखल है। इन दिनों वे कुछ अच्छी फ़िल्में बनाने के क्रम में मुम्बई जैसी मायानगरी में संघर्ष कर रहे हैं। वे इस संकल्प के साथ मुम्बई […]

विमल चन्द्र पाण्डेय कहानी ‘बाज़ीचा-ए-अत्फ़ाल’

युवा कहानीकार विमल चन्द्र पाण्डेय कहानियाँ गढ़ने में माहिर हैं। उनकी कहानियाँ पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे यह कहानी तो बिल्कुल अपने आस-पास की या अपने ही मनोभावों और मनोदशाओं वाली है। संघर्ष की डगर के बिम्ब उसे और धार प्रदान करते हैं। प्रस्तुत कहानी एक ऐसे रचनाकार की है जो रचना की दुनिया, […]

विमल चन्द्र पाण्डेय के उपन्यास ‘भले दिनों की बात थी’ पर सरिता शर्मा की समीक्षा

विमल चन्द्र पाण्डेय हमारे समय के कुछ उन चुनिन्दा रचनाकारों में से एक हैं जिन्होंने कहानी, कविता, संस्मरण जैसी विधाओं में अपना लोहा मनवाया है. अब आधार प्रकाशन से हाल ही में  उनका एक उपन्यास ‘आवारा सपनों के दिन’ प्रकाशित हुआ है. सरिता शर्मा ने इस उपन्यास पर पहली बार के लिए एक समीक्षा लिखी […]

विमल चन्द्र पाण्डेय

विमल चन्द्र पाण्डेय हमारे समय के ऐसे युवा रचनाकार हैं जिन्होंने बेहतरीन कहानियों के साथ-साथ कवितायें भी लिखी हैं. अभी हाल ही में विमल ने अपना उपन्यास ‘भले दिनों की बात थी’ पूरा किया है जो आधार प्रकाशन से शीघ्र ही आने वाला है. इसी उपन्यास का एक अंश आप सबके लिए प्रस्तुत है.     […]

विमल चन्द्र पाण्डेय

युवा कहानीकारों में विमल चन्द्र पाण्डेय ने अपने अलग शिल्प एवं कथ्य से अपनी एक अलग पहचान बनायी है. ‘काली कविता के कारनामे’ भी विमल की ऐसी कहानी है जो सहज शिल्प में कथक्कडी के अंदाज में कही गयी है। यह कहानी हमारे समाज में स्त्रियों की विडंबनाओं के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा में व्याप्त घालमेल को भी […]

विमल चन्द्र पाण्डेय

कुछ नए कहानीकारों जिन्होंने इधर कहानी को फिर से साहित्य की मुख्य विधा के रूप में स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है, उसमें विमल चंद्र पाण्डेय का नाम अग्रणी है. इनके कहानी संग्रह ‘डर’ को ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार मिल चुका है. जीवन के सरोकारों से जुडी हुई विमल की कहानियाँ पढते हुए बराबर […]