विजेंद्र जी से अशोक तिवारी की बातचीत

विजेंद्र जी का व्यक्तित्व बहुआयामी है. मूलतः एक कवि होने के साथ-साथ वे एक बेहतर इंसान हैं, बढ़िया पेंटिंग्स बनाते हैं, गद्य में भी उनका कोई सानी नहीं। ‘कृति ओर’ जैसी पत्रिका के संस्थापक सम्पादक हैं. विजेंद्र जी से नोएडा में उनके घर पर अशोक तिवारी ने हाल ही में एक बातचीत की है जिसमें […]

लोकधर्मी कवि रेफाएल आल्बेर्ती

विगत जनवरी से हमने ‘लोकधर्मी कवियों की परम्परा’ नामक एक श्रृंखला आरम्भ किया था। इस श्रृंखला में आपने विश्व के ख्यात लोकधर्मी कवियों के बारे में हर महीने सिलसिलेवार पढ़ा। इस श्रृंखला को आप पाठकों का अपार प्यार प्यार प्राप्त हुआ। यह कड़ी समापन कड़ी है जो स्पेन के महान लोकधर्मी कवि रेफाएल अल्बेर्ती पर […]

क्रांतिकारी लोकधर्मी कवि तो हू

               (चित्र : तो हू) विगत जनवरी महीने से हमने एक श्रृंखला ‘लोकधर्मी कवियों की परम्परा’ शुरू की थी। इसे हमारे आग्रह पर लिखा है वरिष्ठ कवि विजेन्द्र जी ने। श्रृंखला की ग्यारहवीं कड़ी में प्रस्तुत है एक आलेख प्रख्यात वियतनामी कवि तो हू पर।     विजेंद्र तो हू को वियतनाम का क्रांतिकारी कवि […]

अश्वेत लोकधर्मी कवि वोले शोयिंका

(चित्र: वोले शोयिंका) पहली बार पर आप हर महीने की शुरुआत में विजेंद्र जी की लेखमाला ‘लोकधर्मी कवियों की परम्परा’ पढ़ते हैं। आईए इसकी अगली कड़ी में पढ़ते हैं अश्वेत लोकधर्मी कवि वोले शोयिंका पर आलेख।                                                                                     विजेंद्र                वोले शोयिंका की एक कविता है ‘जुलियस न्येरेरे के प्रति’ – पृथ्वी के लिये पसीना राजस्व […]

विजेंद्र

 (चित्र: पॉल रॉब्सन) पॅाल रॉब्सन अमरीकी अश्वेत विश्वविख्यात गायक। पूरे विश्व में अश्वेतों की मुक्ति के लिये संघर्ष करने वाले अद्वितीय योद्धा संगीतकार। ‘हियर आई स्टैण्ड’ उनकी प्रसिद्ध कृति है जिसमें उनके जीवन के अनेक पक्ष तथा अश्वेतों के बारे में विचारधारात्मक  गंभीर विचार विमर्श है। अश्वेतों की मुक्ति के लिये संघर्ष करने वाले वह […]

प्रतिबद्ध लोकधर्मी कवि पाब्लो नेरूदा

  इस वर्ष के जनवरी माह से हमने लोकधर्मी कवियों की परम्परा पर एक श्रृंखला आरम्भ की थी। इसे पहली बार के लिए वरिष्ठ कवि विजेन्द्र जी ने हमारे आग्रह पर लिखा है। इस श्रृंखला की आठवीं कड़ी में प्रस्तुत है प्रख्यात लोकधर्मी कवि पाब्लो नेरुदा पर आलेख।   विजेंद्र        नेरूदा की एक कविता है, ‘कविता’। वो बताते […]

विजेन्द्र

प्रख्यात आलोचक शिवकुमार मिश्र जी का २०-२१ जून २०१३ की आधी रात को निधन हो गया। ‘स्मृति शेष’ के अंतर्गत शिवकुमार जी पर वरिष्ठ कवि विजेन्द्र जी का संस्मरण हम पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।         स्मृति शेष: डा0 शिवकुमार मिश्र     प्रख्यात लोकधर्मी तथा मार्क्सवादी समीक्षक डा0 शिवकुमार मिश्र अब हमारे […]

विश्व के लोकधर्मी कवियों की श्रृंखला 7: शैले

विश्व के लोकधर्मी कवियों की श्रृंखला के क्रम में हम वाल्ट व्हिटमैन, बाई जुई, मायकोवस्की, नाजिम हिकमत, लोर्का एवं बर्टोल्ड ब्रेख्त के बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। इसी क्रम में प्रस्तुत है पी. बी. शैले पर आलेख। विजेंद्र लोकधर्मी क्रांतिकारी कवि शैले             पूरा नाम है पर्सी  बाइशि शैले। अंग्रेजी रोमेंटिक आन्दोलन के अत्यंत प्रमुख प्रगीति कवि। स्वभाव से विद्रोही।  […]

ब्रेख्त: प्रतिरोध की लोकधर्मी कविता

लोकधर्मी कवियों की परम्परा श्रृंखला के अंतर्गत आप वाल्ट व्हिटमैन, बाई जुई, मायकोव्स्की, नाजिम हिकमत एवं लोर्का पर आलेख पहले ही पढ़ चुके हैं। इसी कड़ी में  प्रस्तुत है प्रख्यात कवि एवं नाटककार बर्टोल्ड ब्रेख्त पर आलेख, जिसे तैयार किया है हमारे वरिष्ठ कवि विजेन्द्र जी ने. ब्रेख्त: प्रतिरोध की लोकधर्मी कविता विजेन्द्र      ब्रेख्त के बारे […]

लोर्का: जातीय लोकधर्मी कवि

जनवरी 2013 से पहली बार पर हमने ‘विश्व के लोकधर्मी कवियों की श्रृंखला’ आरम्भ की थी। इसे हमारे आग्रह पर वरिष्ठ कवि विजेन्द्र जी ने ‘पहली बार’ के पाठकों के लिए लिखा है। इस श्रृंखला के अंतर्गत आप वाल्ट व्हिटमैन, बाई जुई, मायकोव्स्की एवं नाजिम हिकमत को पहले ही पढ़ चुके हैं। इस बार प्रस्तुत है विश्वविख्यात कवि लोर्का […]