उदय प्रकाश की कहानी मोहन दास पर विजय शर्मा की विवेचना

उदय प्रकाश किसी भी रचनाकार के लिए अपने शिल्प और कथ्य से बाहर निकल कर नए शिल्प और कथ्य में रचने की एक बड़ी चुनौती होती है। जो इसे नहीं कर पाते वे अपनी रचना में खुद को ही दुहराने लगते हैं और कुछ नया नहीं रच पाते। महाप्राण निराला बहुत हद तक अपनी रचनाओं […]