महेश चन्द्र पुनेठा के संग्रह ‘भय अतल में’ पर विजय गौड़ की समीक्षा

महेश चन्द्र पुनेठा का पहला कविता संग्रह ‘भय अतल में’ काफी चर्चित रहा था. इस संग्रह की कविताओं की ख़ास बात यह थी कि महेश ने अत्यंत सामान्य लगने वाली घटनाओं और व्यक्तित्वों को अपनी कविता का विषय बनाया। पहाड़ के साथ-साथ उनका एक शिक्षक और आम आदमी का वह संवेदनशील सा मन भी इन […]