वसुधा डालमिया का आलेख ‘औपनिवेशिक भारत में परम्परा का संघटन : हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्तान; अनुवाद -संजीव कुमार

वसुधा डालमिया आज अलग अर्थों में ‘राष्ट्रवाद’ और ‘हिन्दू’ शब्द बड़ी चर्चा में है। इस पहचान को एक कट्टरवादी तबका इन दिनों अपनी संकीर्णता में व्याख्यायित करने की कोशिशें कर रहा है। यह जाने बगैर कि राष्ट्रवाद की अवधारणा बिलकुल आधुनिक यूरोपीय अवधारणा है। और हिन्दू शब्द भी उन अर्थों में प्रयुक्त तो नहीं ही […]