वन्दना शुक्ला

स्त्री मुक्ति के संग्राम स्त्री स्वातंत्र्य क्या है?  क्यूँ इसकी आवश्यकता है?  निस्संदेह आज़ादी की चाहत या मांग उसी की होती है जो परतंत्र होता है, इसका सीधा अर्थ है कि नारी परतंत्र है इसलिए उसके स्वातंत्र्य की चेष्टाएं,  उसकी कामना की जाती है दिवस मनाया जाता है (पुरुष स्वतंत्र है इसलिए उसे दिवस की […]

वंदना शुक्ला

वन्दना शुक्ला ने प्रस्तुत आलेख ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर के लिए भेजा था। लेकिन होली की व्यस्तताओं और और इधर उधर की भागदौड़ के कारण यह लेख प्रकाशित नहीं कर पाया था। आलेख पढ कर ऐसा लगा कि यह तो आज के दौर में कभी भी प्रासंगिक है। और इसे ‘पहली बार’ के अपने […]