आज़ादी और विवेक के पक्ष में प्रलेस, जलेस, जसम, दलेस और साहित्य-संवाद का साझा बयान

मैंने जब से होश संभाला है यह पहली बार ही है जब इतनी अधिक संख्या में देश के रचनाकारों ने अपना साहित्य अकादमी सम्मान वापस किया है. इन रचनाकारों के इस साहस को हम नमन करते हैं. कुछ लोग इसे ख्याति अर्जित करने का तरीका बता रहे हैं. कुछ इसमें भी राजनीति देख रहे हैं. […]