राज कुमार राकेश के कहानी संग्रह ‘एडवांस स्टडी’ पर उमा शंकर सिंह परमार की समीक्षा

बेहतर भविष्य के नाम पर पूँजीवाद और उदारवाद का जो तिलिस्म हमारे देश में खड़ा किया गया अब उसकी पोल खुलने लगी है. इसके परिणामस्वरूप किसान आत्महत्याओं की तरफ अग्रसर हुए हैं. कर्मचारियों की नौकरियाँ खतरे में है और बेरोजगारों को रोजगार देने के नाम पर भयावह शोषण किया जा रहा है. साहित्यकारों ने वास्तविकता […]