राजेश उत्‍साही का आलेख – बाल साहित्य : चुनौतियाँ और संभावनाएँ :

राजेश उत्‍साही हमारे यहाँ बच्चों की शिक्षा के मायने सिर्फ यही है कि वह स्कूल जाए। पाठ्यक्रम की किताबें पढ़े। होम-वर्क करे। और अच्छे नम्बरों से परीक्षा पास करे। इस बंधी-बधाई दुनिया में थोड़ा मोड़ा टेलीविजन के कार्यक्रम, थोड़ा फेसबुक और व्हाट्स-अप भी अपनी जगह बना लेते हैं। लेकिन इस दुनिया में बाल-साहित्य के लिए […]