प्रणय कृष्ण का यह आलेख : ‘एक खुली किताब है राजेन्द्र कुमार का जीवन’

इलाहाबाद की पहचान एक लम्बे अरसे से भारत की साहित्यिक राजधानी के रूप में रही है. इस पहचान को बनाने में यहाँ के उन साहित्यकारों की विशिष्ट भूमिका रही है जिन्होंने अपने जीवन में प्रतिबद्धता बनाए रखी. प्रोफ़ेसर राजेन्द्र कुमार उनमें से एक हैं. प्रोफ़ेसर राजेन्द्र कुमार के जीवन पर एक नजर डाली है प्रणय […]