राकेश कुमार उपाध्याय:

मार्कण्डेय जी पर विशेष प्रस्तुतीकरण के क्रम में तीसरी कड़ी के रूप में आज राकेश उपाध्याय का आलेख ‘रचनाकार मार्कण्डेय’    रचनाकार मार्कण्डेय रचना का सन्दर्भ समाज से होता है या कह सकते हैं कि हर रचना समाज सापेक्ष होती है . रचना की उपादेयता तभी संभव है जब वह समाज की संरचना को सही […]