रवि नन्दन सिंह की कविताएँ

कवि इसी मायने में औरों से अलग होता है कि वह वस्तुस्थिति का आंकलन वस्तुनिष्ठ ढंग से करने का प्रयास करता है. इसीलिए वह प्रायः बनी बनायी मान्यताओं से सहमत नहीं हो पाता और उसका स्वर विद्रोही प्रकृति का लगता है. लोकतन्त्र भी हमारे भारत के लिए ऐसी ही मरीचिका साबित हुआ है जिसमें आम व्यक्ति […]