रविशंकर उपाध्याय के कविता संग्रह ‘उम्मीद अब भी बाकी है’ की समीक्षा

                   रविशंकर उपाध्याय आज का हमारा समय भयावह द्वैधाताओं का समय है। राजनीति को रौशनी दिखाने वाले साहित्य की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं। ग़ालिब के शब्दों में कहें तो ‘आदमी को मयस्सर नहीं इंसा होना।’ आज की सबसे बड़ी दिक्कत आदमी बनने की ही है। ऐसे समय में एक युवा कवि ‘था’ जो सबसे […]

रविशंकर उपाध्याय के लिए श्रद्धांजलिस्वरूप अच्युतानन्द मिश्र की दो कविताएँ

युवा कवि साथी रविशंकर हमारे बीच नहीं हैं, (हमारे लिए सबसे पहले हमारे अनुज.) ये मानने को आज भी मन नहीं कर रहा. ऐसा लग रहा है कि हमेशा की तरह रविशंकर की विनम्र आवाज मेरे मोबाईल पर सुनाई पड़ेगी. वह आवाज जो आज लगातार दुर्लभ होती जा रही है. लेकिन मानने-न मानने का नियति […]

रविशंकर उपाध्याय

जन्म-१२ जनवरी १९८५, बिहार के कैमूर जिले में, शिक्षा  – काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से, स्नातक और परास्नातक (हिंदी), वर्तमान समय में यहीं से कुंवर  नारायण की कविताओं पर शोधरत…  परिचय, युवा संवाद, जनपथ, संवदिया, दैनिक जागरण आदि  पत्र पत्रिकाओं में कवितायें एवं आलेख प्रकाशित… हिंदी विभाग की पत्रिका “संभावना” के आरंभिक तीन  अंको का सम्पादन …. […]

रविशंकर उपाध्याय

रविशंकर उपाध्याय का जन्म १२ जनवरी १९८५ को बिहार के भभुआ जिले के कैमूर में हुआ. इस समय बनारस हिन्दू  विश्वविद्यालय से हिंदी में पी- एच. डी. कर रहे हैं. रविशंकर की कविताएँ  जनपथ, परिचय, युवा संवाद  जैसी पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित हुई हैं.  रविशंकर हिंदी कविता के प्रदेश में ऐसे नवोदित कवि हैं जिनकी नजरें अपने समय की नब्ज पर हैं. वे यह जानते हैं कि हमारा यह […]