रमाकान्त राय

आज पत्र-पत्रिकाओं में छपने वाली साहित्यिक प्रतिक्रियाओं को भले ही हल्के में लिया जाता हो लेकिन इसका एक आशय हुआ करता है. समीक्षा कैसे की जाती है और रचनाओं पर कैसे बेलाग प्रतिक्रिया व्यक्त की जानी चाहिए इसके बारे में हम मार्कंडेय की इसी तरह की उन टिप्पणियों को पढ़ कर जाना सकते हैं, जिसे […]

रमाकान्त राय

आज प्रख्यात रचनाकार राही मासूम रजा का जन्मदिन है। रजा की ख्याति उनके उपन्यासों के साथ-साथ टेलीविजन धारावाहिक ‘महाभारत’ के संवाद लेखन से भी है। रजा के उपन्यास ‘आधा गाँव’ को बेहतर उपन्यासों की सूची में शुमार किया जाता है। रजा ने स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व एवं बाद के कुछ वर्षों की कथा को इस […]

रमाकान्त राय

मार्कंडेय जी की पुण्यतिथि विशेष के क्रम में प्रस्तुत है रमाकांत की मार्कंडेय जी के नाम पाती। अपनी इस पाती में रमाकांत ने मार्कंडेय जी की रचनाओं को आधार बनाकर कई ज्वलंत मुद्दों की ओर इशारा किया है, जो सहज ही हमारा ध्यान आकृष्ट करता है। तो लीजिये आप भी पढ़िए रमाकांत की यह पाती।  आदरणीय श्री मार्कंडेय  […]