रतीनाथ योगेश्वर के कविता संग्रह ‘थैंक्यू मरजीना’ पर उमाशंकर परमार की समीक्षा

किसी भी कवि का पहला कविता संग्रह उसके लिए महत्वपूर्ण होता है। रतीनाथ योगेश्वर ऐसे कवि हैं जो दो दशकों से लिख रहे हैं लेकिन पहला संग्रह ‘थैंक्यूमरजीना’ अभी-अभी इलाहाबाद के साहित्य भण्डार से प्रकाशित हुआ है। साहित्य भण्डार ने एक अनूठी पहल के अंतर्गत इस वर्ष पचास किताबें पचास रूपये मूल्य पर प्रकाशित की […]

रतीनाथ योगेश्वर

आम आदमी की आज भी सबसे बड़ी जरूरत रोटी है. लेकिन इस पूँजीवादी व्यवस्था की साजिश देखिए कि  अब ये रोटी भी उसकी पहुँच से दूर होने के कगार पर पहुँच गयी है. आखिर आम आदमी क्या करे? लेकिन यही आम आदमी जब अपने पर आ जाता है तब उसे रोक पाना नामुमकिन हो जाता […]