मार्कंडेय जी से अनुराग की बातचीत

मार्कंडेय जी जनवरी 2010 में दूसरी बार अपने गले के कैंसर के इलाज के लिए जब दिल्ली गए तो हममें से किसी ने यह सोचा नहीं होगा कि दादा अपने प्रिय शहर इलाहाबाद से आख़िरी बार जा रहे हैं। जब भी उन्हें इलाहाबाद से बाहर जाना होता वे कई बहाने ढूँढते बाहर न जाने के। […]