मानवेन्द्र

पहली बार पर हमने उन नए कवियों की कविता प्रस्तुत करना शुरू किया था जिन्होंने लिखना शुरू किया है. या जिन्होंने लिखा तो है पर अब तक कहीं भी छपे नहीं. झुमरी तलैया के मानवेन्द्र की कविताओं पर हमारे मित्र बलभद्र की नजर गयी और उन्होंने अपनी एक टिप्पणी के साथ मानवेन्द्र की कविताएँ पहली […]