मनोज कुमार पांडेय की कहानी ‘मोह’

  मनोज कुमार पाण्डेय मनुष्य अपने आप में विरोधाभासों का एक गुच्छा है। एक तरफ वह सुरक्षा और शान्ति की बात तो करेगा लेकिन दूसरी तरफ अपने को ताकतवर बनाने के उपाय करने से नहीं चूकेगा। वह ऊपर से सीधा-सादा, निश्छल, निष्पाप और मीठा दिखेगा लेकिन गौर से देखने पर उस के अंतर्मन में एक […]

मनोज कुमार पांडेय की कहानी ‘खजाना’

परिचय  मनोज कुमार पांडेय 7 अक्टूबर 1977 को इलाहाबाद के एक गाँव सिसवाँ में जन्म। शुरुआती पढ़ाई गाँव में ही। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में परास्नातक। इलाहाबाद में आवारगी का एक लंबा दौर। इलाहाबाद में रहते हुए ही साहित्य, रंगमंच और सिनेमा के शुरुआती सबक सीखे। जनवरी 2005 से करीब सात साल तक लखनऊ […]