बृजराज सिंह की लम्बी कविता ‘वसंत’

बृजराज सिंह ‘वसंत’ बृजराज सिंह की ऐसी नयी लम्बी कविता है जिसका वितान व्यापक है. आज कमोवेश स्थितियाँ इतनी जटिल हो गयी हैं कि वसंत जैसा मौसम, जो मूलतः प्राकृतिक है, उस पर भी आम आदमी का कोई न तो हक़ है न ही कोई अधिकार. पूँजीवाद ने हवा से लेकर पानी तक सबको बिकाऊ […]

बृजराज सिंह

जन्म 1983 की किसी तारीख को चंदौली (उत्तर प्रदेश) जिले के एक छोटे से गाँव ख्यालगढ़ में। इण्टरमिडिएट तक की पढ़ाई बाल्मीकि इंटर कॉलेज, बलुआ चंदौली से। कुछ दिन उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी में छात्र रहे। फिर बी.ए.,एम.ए.(हिन्दी) और पी.एच-डी (2009) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कवितायेँ एवं लेख प्रकाशित। शोध पत्रिका […]