मनीषा जैन के कविता संग्रह ‘रोज गूंथती हूं पहाड़’ पर बली सिंह की समीक्षा

कवियित्री मनीषा जैन का बोधि प्रकाशन से हाल ही में एक संग्रह आया है ‘रोज गूंथती हूं पहाड़.’ अपने इस संग्रह में मनीषा जैन ने बिना किसी शोरोगुल के स्त्री जीवन के यथार्थ को सामने रखने का सफल प्रयत्न किया है. इसीलिए यह संग्रह और संग्रहों से कुछ अलग बन पड़ा है. इस संग्रह की […]