स्मरण में है आज जीवन

जितेन्द्र रघुवंशी इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड जितेन्द्र रघुवंशी का न रहना हम सब प्रगतिशील सोच के साथियों के लिए एक गहरा आघात है। वे देश के एक  प्रतिबद्ध नाट्यकर्मी थे। यह प्रतिबद्धता उन्हें अपने पत्रकार पिता राजेन्द्र रघुवंशी से मिली। प्रगतिशील लेखक संघ रायपुर ने उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते […]

प्रेम शंकर सिंह

डूबते सूरज को प्रणाम करती कहानियां (प्रियदर्शन मालवीय की कहानियों पर एक नोट्स)       हिन्दी के कहानी संसार में पिछले सालों मे जिन लोगों ने चुपचाप अपनी जगह बनाई है, उनमें प्रियदर्शन मालवीय प्रमुख है. उनकी कहानियां हिन्दी की कई पत्रिकाओं, मसलन कथादेश, तद्भव, नया ज्ञानोदय, बहुवचन आदि में छपी हैं और खासी चर्चित और […]