प्रद्युम्न कुमार सिंह की कविताएँ

प्रद्युम्न कुमार सिंह युवा कवि प्रद्युम्न कुमार सिंह ने कविता की राह पर चलना अभी शुरू ही किया है। पहले भी मैंने उनकी कविताएँ देखी थीं। तब उबड़-खाबड़ पन ज्यादा था लेकिन अब एक तरतीब उनकी कविताओं में दिखाई पड़ रही है। इन कविताओं को देख कर अब एक आश्वस्ति है कि उनके अन्दर एक […]

हिमतरु साहित्यिक विशेषांक की प्रद्युम्न कुमार सिंह द्वारा की गयी समीक्षा

युवा कवि प्रद्युम्न कुमार सिंह ने हिमतरू के उस साहित्यिक विशेषांक को पढ़ कर एक टीप लिखी है जो युवा कवि गणेश गनी पर केन्द्रित किया गया था। गद्य-लेखन से ही किसी भी रचनाकार की भाषिक समृद्धता और सम्पन्नता का आंकलन किया जा सकता है। इस क्षेत्र में प्रद्युम्न अभी नवागत हैं और अपने को […]