प्रकाश उदय

तनी जगइह पिया -आहो- आहो… …रोपनी के रंउदल देहिया, सांझहीं  निनालातनी जगइह पियाजनि छोडि के सुतलके, सुति जइह पिया  -आहो- आहो… …हर के हकासल देहिया, सांझहीं  निनालातनी जगइह धनीजनि छोडि के सुतलके सुति  जइह धनी -आहो- आहो… …चुल्हा से चउकिया  तकलेदेवरू ननदिया तकलेदिनवा त दुनिया भर के, रतिए हउवे आपनजनि गँवइह पियाधइ के बंहिया प् माथ, बतियइह पिया -आहो- आहो… …घर से बधरिया तकलेभइया भउजइया तकलेदिनवा त दुनिया भर के, रतिए हउवे आपनजनि गंवइह धनिधईं  के बंहिया प् माथ, बतियइह धनी -आहो- आहो… …दुखवा दुहरवला बिनासुखवा सुहरवला बिनारहिये ना जाला कि ना, कइसन दो त लागेजनि सतइह पियाकहियो रूसियो फुलियो जाईं त मनइह पिया -आहो- आहो… …काल्हु के फिकिरिये निनियाउडि जाय जो आँखिन, किरियाआके  पलकन के भिरिया, सपनन में अझुरइह पियासझुरइह […]