पद्मनाभ गौतम की कहानी सानो बैंक

पद्मनाभ गौतम ‘सानो बैंक’ मूलतः पद्मनाभ गौतम की पहली कहानी है। लेकिन अपनी पहली इस पहली ही कहानी में पद्मनाभ मजबूत धरातल पर खड़े नजर आते हैं। उनमें भविष्य का एक ऐसा कथाकार है जो आज छिन्न भिन्न होते जा रहे समाज, देश और परम्पराओं की हकीकत से भलीभांति वाकिफ है। इस कहानीकार को प्रवास […]

मोहन नागर के कविता संग्रह ‘छूटे गाँव की चिरैया‘ पर पद्मनाभ गौतम की समीक्षा –

युवा कवि मोहन नागर का पहला कविता संग्रह अभी-अभी प्रकाशित हुआ है। मोहन के इस संग्रह में एक नयी ताजगी और धार स्पष्ट ही देखी जा सकती है. इसकी एक समीक्षा हमारे कवि मित्र पद्मनाभ ने लिख भेजी है। पद्मनाभ की यह समीक्षा इस मायने में भी अहम् है कि यह इनके द्वारा लिखी गयी […]

पद्मनाभ गौतम

जन्म – 27-06-1975, बैकुण्ठपुर, जिला-कोरिया, छत्तीसगढ़संप्रति – निजी क्षेत्र में सेवा प्रकाशन – ग़ज़ल संग्रह “कुछ विषम सा” सन 2004 में जलेसं द्वारा प्रकाशितविभिन्न प्रमुख पत्र पत्रिकाओं – कृति ओर, प्रगतिशील वसुधा, काव्यम, अक्षरपर्व, आकंठ, हंस, अक्षरशिल्पी, दुनिया इन दिनों, छत्तीसगढ़ टुडे, कविता कोश – कविता छत्तीसगढ़, देशबन्धु, लफ्ज़, उपनयन, सृजनगाथा इत्यादि में कविता, गज़लें, […]