नीलिमा पाण्डेय का आलेख ‘मार्कण्डेय: व्यक्तित्व एवं कृतित्व’

मार्कण्डेय जी नयी कहानी आन्दोलन के पुरोधाओं में से एक मार्कण्डेय का व्यक्तित्व बहुआयामी था। एक बेहतर कहानीकार होने के साथ-साथ वे एक बेहतर व्यक्तित्व के मालिक भी थे। उनकी विनम्रता के हम सब कायल थे। जो भी उन्हें जानते हैं इस बात से परिचित होंगे कि अंतिम समय तक वे किसी भी आगंतुक की […]