नीलाभ का आलेख ‘अब्दुल करीम खां साहब और किराना घराना’।

नीलाभ अदम्य जिजीविषा के धनी नीलाभ का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे जितने अच्छे कवि थे उतने ही अच्छे आलोचक भी थे। नीलाभ द्वारा किये गए अनुवाद भी उत्कृष्ट कोटि के माने जाते हैं। हिन्दी, उर्दू, पंजाबी के साथ-साथ नीलाभ का अंग्रेजी और स्पेनिश पर भी अच्छा अधिकार था। अरुन्धती राय के चर्चित उपन्यास ‘गाड ऑफ़ […]

नीलाभ

इस दौर में हत्यारे और भी नफ़ीस होते जाते हैंमारे जाने वाले और भी दयनीय वह युग नहीं रहा जब बन्दी कहता थावैसा ही सुलूक़ करो मेरे साथजैसा करता है राजा दूसरे राजा से अब तो मारा जाने वालामनुष्य होने की भी दुहाई नहीं दे सकताइसीलिए तो वह जा रहा है मारा अनिश्चय के इस […]

नीलाभ

गढ़ी सराय की औरतें साँप की तरह लहरदार और ज़हरीली थी वह सड़कजिससे हो कर हम पहुँचते थे बीच शहर के एक बड़े चौक से दूसरे बड़े चौक तक जहाँ एक भीमकाय घण्टाघर था जो समय बताना भूल गया था आने-जाने वालों को 1947 के बाद से गो इसके इर्द-गिर्द अब भी वक़्तन-फ़-वक़्तन सभाएँ होतीं […]

नीलाभ

नीलाभ का जन्म १६ अगस्त १९४५ को मुम्बई में हुआ. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम ए. पढाई के दौरान ही लेखन की शुरूआत. आजीविका के लिए आरंभ में प्रकाशन. फिर ४ वर्ष तक बी बी सी की विदेश प्रसारण सेवा में प्रोड्यूसर. १९८४ में भारत वापसी के बाद लेखन पर निर्भर. ‘संस्मरणारंभ’, ‘अपने आप से लम्बी बातचीत’, […]