निशांत

प्रेम-और बेरोजगारी के कवि के रूप में काफी लोकप्रिय हुए थे। सत्ताईस साल की उम्र में कविता पर उन्हें प्रतिष्ठित भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। उनकी कविता की एक किताब जवान होते हुए लड़के का कुबुलनामा भारतीय ज्ञानपीठ से पिछले साल छप कर आयी है। निशांत की लंबी कविताओं का एक संग्रह  जी हां, […]

सुनील गंगोपाध्याय

बांग्ला के सुप्रसिद्ध कवि और कथाकार सुनील गंगोपाध्याय का विगत २३ अक्टूबर को निधन हो गया. उनकी स्मृति को याद करते हुए हम प्रस्तुत कर रहे हैं उनकी अंतिम लिखी-प्रकाशित कविता ‘बकुल गंध सरीखा.’ जो मूल रूप से बांग्ला में छपी है. इस कविता का हमारे लिए हिन्दी अनुवाद किया है युवा कवि निशांत ने. […]