नित्यानंद गायेन की सात कविताएँ

नित्यानंद गायेन युवा कवि नित्यानंद गायेन की कविता ‘धूप पिघल रही है’ पढ़ते हुए मुझे वरिष्ठ कवि वीरेन डंगवाल की एक कविता है ‘कवि’ की ये पंक्तियाँ याद आयीं – ‘इच्छाएँ आती हैं तरह-तरह के बाने धरे/ उनके पास मेरी हर ज़रूरत दर्ज है/ एक फ़ेहरिस्त में मेरी हर कमज़ोरी/ उन्हें यह तक मालूम है/ […]

कवि सुधीर सक्सेना पर नित्यानानद गायेन का आलेख ‘कवि सुधीर सक्सेना. प्रेम के कवि, जो ईश्वर तो नहीं’

ईश्वर को आधार बना कर जिन कुछ कवियों ने महत्वपूर्ण कवितायें लिखीं हैं उनमें सुधीर सक्सेना का नाम प्रमुख है. इन कविताओं में वे ईश्वर से जैसे बातें करते हुए उसकी वास्तविकता को हमारे सामने रख देते हैं. उनकी कविताओं में प्रेम भरा पड़ा है. प्रेम जो मानवीय रिश्तों और संबंधों की बुनियाद है कवि […]

अशोक तिवारी के कविता संग्रह ‘दस्तख़त’ पर नित्यानंद गायेन की समीक्षा

कवि अशोक तिवारी का हाल ही में एक महत्वपूर्ण संग्रह आया है ‘दस्तखत’ नाम से. अशोक तिवारी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. वे एक कवि होने के साथ-साथ रंगकर्मी भी हैं. देश-विदेश में जा कर इन्होने नुक्कड़ नाटक किये हैं. उनके पास अपनी वह प्रतिबद्धता भी है, जो किसी भी कवि के लिए जरुरी होती […]

भरत प्रसाद के काव्य संग्रह ‘एक पेड़ की आत्म कथा की समीक्षा : नित्यानन्द गायेन

कवि एवं आलोचक भरत प्रसाद का एक कविता संग्रह ‘एक पेड़ की आत्मकथा’ नाम से प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह की समीक्षा की है युवा कवि नित्यानन्द गायेन ने। आईए पढ़ते हैं यह समीक्षा-    ‘पेड़ के बहाने, मनुष्य की आत्मकथा’ पिछले दिनों कवि भरत प्रसाद जी का काव्य संग्रह ‘एक पेड़ की आत्मकथा’ पढ़ने […]

आस्कर के बहाने : साम्राज्यवादी साजिशों का पर्दाफाश

  पिछले वर्ष रामजी तिवारी की आस्कर पुरस्कारों की राजनीति पर एक महत्वपूर्ण किताब आई है ‘आस्कर अवार्ड्स: यह कठपुतली कौन नचावै।’ इस किताब पर हम जबरीमल्ल पारख की एक समीक्षा आप पहले ही प्रस्तुत कर चुके हैं। इसी किताब पर प्रस्तुत है दूसरी समीक्षा जिसे हमारे लिए लिखा है हमारे युवा कवि मित्र नित्यानंद […]

नित्यानन्द गायेन

बोधि प्रकाशन जयपुर से कवि राज्यवर्द्धन के सम्पादन में ग्यारह कवियों की कविताओं का एक संकलन ‘स्वर एकादश’ नाम से आया है। इस संग्रह पर युवा कवि नित्यानन्द गायेन ने एक समीक्षा लिखी है जो पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत है। एक रंग ग्यारह सुर ‘स्वर-एकादश’  में  ग्यारह कवियों की कविताएँ एक साथ, […]