दुर्गा प्रसाद सिंह

मार्कण्डेय जी की पुण्यतिथि पर विशेष प्रस्तुति के क्रम में आज प्रस्तुत है दुर्गाप्रसाद सिंह का आलेख ‘प्रेमचंद की परम्परा के विस्तार हैं कहानीकार मार्कण्डेय.’ दुर्गाप्रसाद मार्कण्डेय जी के आत्मीय रहे हैं और इन दिनों उनके अप्रकाशित कार्यों के प्रकाशन का दायित्व निभा रहे हैं.     प्रेमचंद की परम्परा के विस्तार हैं कहानीकार मार्कण्डेय […]