हेरम्ब चतुर्वेदी की किताब पर दीपेन्द्र सिवाच की समीक्षा

प्रोफ़ेसर हेरम्ब चतुर्वेदी इतिहासकार प्रोफ़ेसर हेरम्ब चतुर्वेदी की इधर वाणी प्रकाशन दिल्ली से दो महत्वपूर्ण किताबें प्रकाशित हुईं हैं – ‘मुगल शहजादा ख़ुसरो’ और ‘दो सुल्तान, दो बादशाह और उनका परिणय परिवेश’। हेरम्ब जी की इन किताबों को पढ़ कर एक त्वरित टिप्पणी लिखी है दीपेन्द्र सिवाच ने। इसी बीच खबर मिली है कि हेरम्ब जी […]

दीपेन्द्र सिवाच का आलेख ‘विदा सहवाग, खेल के मैदान से अलविदा

वीरेन्द्र सहवाग भारत में क्रिकेट का खेल अत्यन्त लोकप्रिय है। क्रिकेट के खिलाड़ियों को यहाँ पर लोग अत्यन्त सम्मान के साथ देखते मानते हैं। हमारे यहाँ क्रिकेट खिलाड़ियों की लोकप्रियता से फ़िल्मी सितारे और राजनेता तक रश्क करते हैं। वीरेन्द्र सहवाग ऐसे ही खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्हें क्रिकेटप्रेमी जनता में बेशुमार प्यार किया। […]

दीपेन्द्र सिवाच का आलेख लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की विजय

लार्ड्स टेस्ट में अट्ठाईस वर्षों बाद इंग्लैंड पर विजय हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अपने को फिर से साबित किया है. दीपेन्द्र सिवाच ने भारत के इस ऐतिहासिक विजय पर एक नजर डाली है. दीपेन्द्र खेलों पर जब भी लिखते हैं वह अलग किस्म का होता है. उनके लेखन में केवल […]

दीपेन्द्र सिवाच

जन्म- जनवरी १९६४ मेरठ (उत्तर प्रदेश ) शिक्षा -एम.ए (प्राचीन इतिहास,इलाहाबाद विश्वविद्यालय) सम्प्रति -आकाशवाणी में ट्रेक्स  आज की दुनिया का विरोधाभास यह है कि एक तरफ जहां हम लोग एक ‘ग्लोबल विलेज’ की परिकल्पना को साकार होते देख रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ हम अपने ही पड़ोसी तक को नहीं जानते। शुक्र है कि हमारा आभासी […]