जीवन सिंह का आलेख ‘मुक्तिबोध-पूंजी बाज़ार का समय और मुक्तिबोध की कविता

मुक्तिबोध स्वतन्त्रता के बाद के भारतीय काव्य परिदृश्य को जिन दो कवियों ने अधिकाधिक प्रभावित किया है उनमें निराला के साथ-साथ मुक्तिबोध का नाम भी बड़े आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है।   मुक्तिबोध (13 नवम्बर 1917 से 11 सितम्बर 1964) ने प्रगतिशीलता के साथ-साथ नयी कविता को वह स्वरुप प्रदान किया जो […]