जयपाल सिंह प्रजापति का आलेख ‘एक ‘अग्निबीज़’ इनमें भी है’

  मार्कण्डेय जी आम आदमी खासकर एक गरीब आदमी की पीड़ा और उसकी जलालत भरी जिन्दगी मार्कण्डेय जी की रचनाओं में हमें सहज ही दिख जाती है। इन सबके दिलों में एक गहरा आक्रोश और असंतुष्टि है। मार्कण्डेय की रचनाओं के इस पहलू पर नजर डाली है जयपाल प्रजापति ने। कल 18 मार्च को मार्कण्डेय […]