चार्वी सिंह

चार्वी सिंह २१ वीं सदी की गंगा का दर्द……..!!!!! सदियों से लोगों के पापों को धोती,गंगोत्री से लेकर गंगासागर की गहराई तक,हर कुम्भ महाकुम्भ की मूक गवाह,हर मोड़ और ढलान पर छली गई,आज तक इंतज़ार करती रही…..कोई तो आए…………. दो बूंद सच्चाई की अपनी अखियों में भर , कोई तो आए………..बहुत आसान है……………हर पाप करने […]