चंचल चौहान का आलेख ‘मार्कण्डेय की कहानी कला’

मार्कण्डेय जी आज मार्कण्डेय जी के निधन को छः वर्ष पूरे हो गए। एक समय में इलाहाबाद में मार्कण्डेय जी का होना मेरे लिए एक पूरी आश्वस्ति हुआ करता था। ‘कथा’ से मेरे जुड़ने के बाद यह आश्वस्ति धीरे-धीरे ऐसे रिश्ते में तब्दील हो गयी जिसे नाम देने में दुनिया की कोई भी भाषा समर्थ […]