गौतम राजरिशी का आलेख ‘कविता की कॉन्सपिरेसी थ्योरी’

गौतम राजरिशी युवा कवि गौतम राजरिशी ने कविता के संदर्भ में कई एक महत्वपूर्ण पाठकीय सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि गौतम ने अपने आलेख का शीर्षक ही दिया है ‘कविता की कॉन्सपिरेसी थ्योरी’। इस आलेख में जहाँ एक तरफ मुक्तिबोध की ‘अँधेरे में’ कविता की दुर्बोधता के समक्ष राजकमल चौधरी की महत्वपूर्ण कविता ‘मुक्ति […]

गौतम राजरिशी की कविताएँ

गौतम राजरिशी किसी सैनिक का नाम सुनते ही हमारे मन में उसके लिए एक अलग तरह के मनोभाव उठने लगते हैं. देश के लिए मर-मिटने के लिए हर घडी तैयार रहने वाला वाला ऐसा शख्स जो हमेशा युद्ध की परिस्थितियों में रहता है. जो युद्ध के लिए नियुक्त ही किया जाता है और युद्ध को […]