अल्पना मिश्र से कल्पना पन्त की एक बातचीत

अल्पना मिश्र युवा आलोचक कल्पना पन्त के साथ अल्पना मिश्र से कल्पना पन्त की एक बातचीत अल्पना मिश्र का उपन्यास ‘अन्हियारे तलछट में चमका’  इन दिनों काफी चर्चा में है। इस उपन्यास पर अल्पना को वर्ष 2014का प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान भी प्रदान किया गया है। इस उपन्यास को भाषा के अलग अनूठे अंदाज और […]

अल्पना मिश्र के उपन्यास “अन्हियारे तलछट में चमका” का एक अंश

चर्चित युवा लेखिका अल्पना मिश्र को उनके प्रकाशित उपन्यास “अन्हियारे तलछट में चमका” के लिए वर्ष 2014 का प्रेमचंद सम्मान देने की घोषणा की गयी है। 2006 से प्रतिवर्ष दिए जा रहे इस सम्मान का यह सातवाँ वर्ष है। इस वर्ष इस सम्मान के निर्णायक मंडल में वरिष्ठ आलोचक विश्वनाथ त्रिपाठी, कथाकार शिवमूर्ति और डॉ चन्द्रकला […]

अल्पना मिश्र

  हिन्दी कहानी के क्षेत्र में अल्पना मिश्र ने थोड़े ही समय में अपनी एक मुकम्मल पहचान बना ली है। अभी-अभी अल्पना ने अपना पहला उपन्यास लिख कर पूरा किया है। इस उपन्यास में इन्होंने उस समस्या को बड़ी खूबसूरती से उठाया है जो हमारे समय का सच तो है लेकिन जिस पर बात करना आम […]

अल्पना मिश्र

अल्पना मिश्रा ने अपने शिल्प और भाषा के बल पर हिन्दी कहानी में एक अलग पहचान बनायी हैं। लमही के नए अंक में अल्पना जी की यह कहानी प्रकाशित हुई है जिसे हम पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं। स्याही में सुरखाब के पंख सोनपती बहन जी माचिस लिए रहती हैं सोनपती बहनजी को […]

अल्पना मिश्र

हिन्दी के नए कहानीकारों में अल्पना मिश्रा ने अपने कहन के ढंग, छोटी छोटी चीजें जिस पर आम तौर पर हमारा ध्यान नहीं जाता के सूक्ष्म वर्णन और किस्सागोई के द्वारा हमारा ध्यान सहज ही आकृष्ट किया है. अल्पना को कहानी लिखने के लिए अतीत की खोह में नहीं जाना पडता बल्कि वे हमारे समय […]