अलेसिया मकोव्स्काया का आलेख बेलारूस में मेरी हिन्दी : बचकानी अभिरूचि से लेकर व्यावसायिक कार्य तक

अलेसिया मकोव्स्काया अपनी भाषा में रहते-जीते हुए हमें यह क्षणिक भी एहसास नहीं होता कि इसी भाषा को अगर ऐसा व्यक्ति सीखना चाहे जिसकी मातृभाषा ही नहीं बल्कि संस्कृति और परिवेश भी बिल्कुल अलग हो, तो उसे किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को जानने के क्रम में मैंने बेला रूस […]