अरूण होता का आलेख ‘समकालीन कविता के आयाम: संदर्भ युवा पीढ़ी की कविता’

समकालीन कविता के स्वर को प्रतिनिधि रूप से समझने की एक कोशिश दिखाई पड़ती है ‘स्वर एकादश’ में। इसमें ग्यारह कवियों की कविताओं को शामिल किया गया है। इसे संपादित किया है कवि राज्यवर्द्धन ने। इस संपादित संग्रह पर पहली बार पर आप पहले भी कुछ समीक्षाएँ पढ़ चुके हैं। इसी कड़ी में एक और […]