सुशील कुमार का यह समालोचनात्मक आलेख ‘जनवाद का एक धूमिल युवा चेहरा’

अरविन्द श्रीवास्तव कवि सुशील कुमार ने इधर कई समालोचनात्मक आलेख लिख कर गद्य के क्षेत्र में भी ध्यान आकृष्ट किया है। अपने ही एक समकालीन कवि अरविन्द श्रीवास्तव की कविता पर सुशील कुमार का समालोचनात्मक लेख गद्य पर उनके पकड की बानगी प्रस्तुत करता है। अपने इस आलेख में सुशील कुमार ने आलोच्य कवि की खूबियों […]