मधुरेश की आलोचना पुस्तक ‘शिनाख़्त’ पर अमीर चंद वैश्य की समीक्षा

चित्र : आलोचक मधुरेश हिन्दी साहित्य में उपन्यास की आलोचना कुछ गिने चुने आलोचकों द्वारा की गयी है। ऐसे आलोचकों में मधुरेश का नाम अग्रणी है। उपन्यास की आलोचना पर मधुरेश की ‘शिनाख़्त’ नाम से एक किताब आई है। इस किताब की एक पड़ताल की है अमीर चंद वैश्य ने। इस किताब के प्रकाशन (2012) […]

प्रसिद्ध कथाकार भीष्म साहनी से अमीर चंद वैश्य का पत्र -संवाद

प्रसिद्ध कथाकार भीष्म साहनी से अमीर चंद वैश्य का पत्र -संवाद तब लोग एक दूसरे को पत्र लिखा करते थे और संवाद कायम करने का यह एक महत्वपूर्ण माध्यम था। तमाम व्यस्तताओं के बावजूद महात्मा गाँधी अपने पास आये हुए हर पत्र को पढ़ते थे और उसका जवाब जरुर देते थे। साहित्य में तो इन पत्रों […]

‘प्लाजमा’ कविता पर अमीरचंद वैश्य का आलेख

   विजेन्द्र जी की लोक के प्रति प्रतिबद्धता से हम सब वाकिफ हैं. इसी क्रम में उन्होंने कई लम्बी कविताएँ भी लिखी हैं जिनमें प्लाजमा उल्लेखनीय है. इस लम्बी कविता की पड़ताल की है अमीर चन्द्र वैश्य ने. तो आईये पढ़ते हैं अमीर जी का यह आलेख ‘समर जारी है बदस्तूर’   समर जारी है […]

मार्कण्डेय जी के कविता संग्रह ‘यह पृथ्वी तुम्हें देता हूँ’ की समीक्षा

मार्कण्डेय न केवल एक कहानीकार थे बल्कि एक सक्षम कवि भी थे. अभी पिछले ही वर्ष मार्कण्डेय जी का एक कविता संकलन ‘यह पृथ्वी तुम्हें देता हूँ’ आया है. इस संग्रह पर एक समीक्षा लिखी है वरिष्ठ आलोचक अमीर चंद वैश्य ने. मार्कण्डेय जी की पुण्यतिथि (18 मार्च) के अवसर पर हम यह विशेष प्रस्तुति […]

आत्मा रंजन के कविता संग्रह ‘पगडंडियां गवाह हैं’ पर अमीर चन्द्र वैश्य की समीक्षा

  आत्मा रंजन का पहला ही कविता संग्रह ‘पगडंडियां गवाह हैं’ अपनी विविधवर्णी कविताओं की वजह से सशक्त एवं महत्वपूर्ण बन पड़ा है। जनपदीय सुगन्ध के साथ-साथ इन कविताओं में उन लोगों के श्रम का ताप भी स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है जिनके बिना इस दुनिया की कल्पना ही नहीं की जा सकती। […]

बदायूँ में राजेन्द्र यादव : कुछ यादें और बातें

राजेन्द्र यादव का निधन हमारे सामने एक ऐसी रिक्ति छोड़ गया है जिसकी भरपाई मुश्किल है। जिस भी क्षेत्र में राजेन्द्र जी ने अपने हाथ आजमाए वे श्रेष्ठ रहे। कहानी, उपन्यास, संस्मरण की दुनिया हो या फिर हंस का सम्पादन। एक बड़ी तादाद ऐसे लोगों की रही है जो हंस को केवल राजेन्द्र जी कि […]

अमीरचंद वैश्य

इस बार समीक्षा के क्रम में हम राहुल राजेश के कविता संग्रह सिर्फ घांस नहीं’ की समीक्षा प्रस्तुत कर रहे हैं। यह समीक्षा हमारे लिए वरिष्ठ आलोचक अमीर चन्द वैश्य जी ने किया है।    आज मेरे सामने नया काव्य-संकलन है “सिर्फ़ घास नहीं” । इसके रचयिता हैं श्री राहुल राजेश। दुमका (झारखंड) के एक छोटे-से […]

अमीर चंद वैश्य

करुणामूलक सात्विक क्रोध की कविताएँ  अमीर जी हर महीने एक संग्रह पर पहली बार के लिए विशेष तौर पर समीक्षा लिख रहे हैं। इस कड़ी में आप अशोक कुमार तिवारी, नित्यानन्द गायेन और सौरभ राय पर अमीर जी की समीक्षाएं पहले ही पढ़ चुके हैं। इसी कड़ी में इस बार प्रस्तुत है शंभू यादव के […]

अमीर चंद वैश्य

वरिष्ठ आलोचक अमीर चन्द वैश्य पहली बार के लिए हर महीने एक कविता संग्रह पर समीक्षा लिखेंगे।  इस कड़ी की शुरुआत हम पहले ही कर चुके हैं, जिसमें अभी तक आपने सौरव राय और अशोक तिवारी के कविता संग्रहों पर अमीर जी की समीक्षा पढ़ चुके हैं। इसी क्रम में इस महीने के हमारे उल्लेख्य […]

अमीर चन्द वैश्य

युवा कवि अशोक तिवारी के दो संकलन प्रकाशित हुए हैं। उनके दूसरे संकलन ‘मुमकिन है’ की समीक्षा पहली बार के  लिए लिखी है वरिष्ठ आलोचक अमीर चन्द वैश्य ने। आप सब के लिए प्रस्तुत है यह समीक्षा। कलात्मक स्थापत्य की लोकधर्मी कविताएँ समकालीन हिन्दी कविता के सामने एक प्रश्न उपस्थित रहता है कि वह राजसत्ता का समर्थन करे […]