अमरेन्द्र कुमार शर्मा का आलेख ‘दूसरी परंपरा की खोज’ : इनकाउंटर

नामवर सिंह इसमें कोई दो राय नहीं कि नामवर सिंह हमारे समय के श्रेष्ठ आलोचक हैं. लेकिन ऐसा भी नहीं, कि केवल इसी बिना पर  उनकी आलोचना न की जा सके. युवा कवि-आलोचक अमरेन्द्र कुमार शर्मा ने ‘वाह-वाह’ या ‘अहो-अहो’ की परम्परा से अलग हट कर उनकी महत्वपूर्ण किताब ‘दूसरी परम्परा की खोज’ का इनकाउंटर […]

अमरेन्द्र कुमार शर्मा की कविताएँ

अमरेन्द्र कुमार शर्मा                     कवि, आलोचक अमरेन्द्र कुमार शर्मा का जन्म 1 जनवरी 1975 को हुआ. आलोचना की इनकी दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं –  ‘आपातकाल : हिंदी साहित्य और पत्रकारिता‘ और ‘आलोचना का स्वराज‘  काव्य-संग्रह प्रकाशनाधीन दर्जनों पत्रिकाओं और अख़बारों में कविता और आलोचना लेख प्रकाशित.   साहित्य के साथ कला माध्यमों और सामाजिक […]

विजय मोहन सिंह से अमरेन्द्र कुमार शर्मा की एक ख़ास बातचीत

विजय मोहन सिंह बहुमुखी प्रतिभा वाले विजय मोहन सिंह का अभी हाल ही में गुजरात में निधन हो गया। वे एक कहानीकार के साथ-साथ उपन्यासकार, बेहतर आलोचक, उम्दा सम्पादक और फिल्म संगीत के अच्छे जानकार थे। वे अपनी तरह के अनूठे आलोचक थे जिन्होंने बनी बनायी लीक से इतर अपनी अवधारणाएँ विकसित की और उसे […]