अमरकान्त जी पर शिवानन्द मिश्र का संस्मरण ‘आज भी लोग इलाहाबाद का ही मुँह देखते हैं!’

अमरकान्त जी हमारे लिए सिर्फ लेखक ही नहीं बल्कि हम सब के अभिभावक भी थे। हम सब उन्हें सम्मान और आत्मीयता से दादा कहते थे। वे हमसे उसी अधिकार से बातें भी करते थे जैसे घर का बुजुर्ग किया करता है। जब भी उनसे भेंट होती वे हमसे बलिया के बारे में जरुर पूछते। वे […]

अमरकान्त जी पर प्रतुल जोशी का संस्मरण

विगत 17 फरवरी को प्रख्यात कथाकार और हम सब के दादा अमरकान्त जी नहीं रहे. यह हम  सब के लिए एक गहरी क्षति थी. प्रतुल जोशी ने अपने संस्मरण में अमरकान्त जी के साथ बिठाये गए पलों को ताजा किया है. आईए पढ़ते हैं प्रतुल जोशी का यह संस्मरण  हमारे ताऊ जी “अमरकांत जी”: स्मृति […]

अमरकान्त जी से धनञ्जय चोपड़ा की एक बातचीत

अमरकान्त : …..वे जो  हमेशा अपने समय का सच रचते रहे  17 फरवरी 2014 को प्रख्यात कथाकार अमरकान्त जी नहीं रहे. यह हम सबके लिए एक बड़ा आघात है. उनके न रहने से हम इलाहाबादवासियों ने अपना अभिभावक खो दिया. एक ऐसा अभिभावक जो महान होते हुए भी इतना सरल और सहज था कि उससे […]

अमरकान्त ; कुछ यादें और कुछ बातें

प्रख्यात कहानीकार अमरकान्त जी का आज 17 फरवरी 2014 को प्रातः 9.45 पर निधन हो गया. वे वर्ष 1989 से आस्टियोपोरोसिस नामक रोग से पीड़ित थे. इसके बावजूद अंतिम समय तक लगातार रचनाशील रहे.  अमरकान्त जी का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में नगरा कसबे के पास स्थित भगमलपुर नामक गाँव में 01 जुलाई […]

अमरकान्त जी को ज्ञानपीठ पुरस्कार

13 मार्च 2012 का दिन इलाहाबाद के साहित्यिक इतिहास में एक अविस्मरणीय दिन के रूप में याद किया जायेगा। इसी दिन ज्ञानपीठ दिल्ली छोड़कर लेखक के शहर इलाहाबाद आया और वर्ष 2009 का ज्ञानपीठ पुरस्कार वरिष्ठ कहानीकार और हम सबके दादा अमरकान्त जी को दिया गया। इलाहाबाद संग्रहालय का ब्रजमोहन व्यास सभागार पूरी तरह खचाखच […]