अनिल त्रिपाठी के कविता संग्रह पर विशाल श्रीवास्तव की समीक्षा

कवि अपनी चेतस निगाहों से अपने आस-पास के लोगों को देखता है और उनके जीवन, उनकी पीडाओं को अपनी कविता में ढालने का यत्न करता है। उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कि उस उपेक्षित एवं विडम्बनापूर्ण जीवन और उसकी पीड़ा को अपनी कविता में कैसे व्यक्त करे? इसके लिए कवि को अपनी भाषा, […]