जितेन्द्र कुमार यादव की कहानी “एक गहरी और काली आँखों वाली लड़की”

जितेन्द्र कुमार यादव उत्तर प्रदेश  के  अम्बेडकर नगर  जिले  में  स्थित  नेवादा  कलां  नामक  गाँव  में 17 दिसम्बर 1988  को  जन्म. इलाहाबाद वि० वि० से  स्नातक, परास्नातक  तथा  कुमाउं  विश्वविद्यालय  नैनीताल  में शोधरत. विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं  में  अनेक  कविताओं  व  लेखों  का  प्रकाशन. विजय गौड़ ने अपने एक आलेख में कहानी के संदर्भ में महत्वपूर्ण बात […]

महेश चंद्र पुनेठा का आलेख ‘शिक्षा और मनोविज्ञान की भी गहरी समझ रखते थे मुक्तिबोध’

मुक्तिबोध अपने एक वक्तव्य के दौरान एक दफे नामवर सिंह ने कहा था – ‘जो युग जितना ही आत्म-सजग होता है उसके मूल्यांकन का काम उतना ही कठिन हो जाता है।’ इस वक्तव्य में युग की जगह अगर रचनाकार कर दिया जाए तो मुक्तिबोध के मूल्यांकन के संदर्भ में यह एक सर्वथा उपयुक्त वक्तव्य होगा। […]

शेखर जी का संस्मरण ‘सेल्‍यूलाइड पर अंकित अमरकांत का स्मृति-शेष’

  अमरकांत जी अमरकान्त जी का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में नगरा कसबे के पास स्थित भगमलपुर नामक गाँव में 01 जुलाई 1925 को हुआ था. इनका वास्तविक नाम श्रीराम वर्मा था. इनके पिता सीताराम वर्मा वकील थे. इनकी माता अनंती देवी एक गृहिणी थी. बलिया से ही अमरकान्त जी ने हाईस्कूल की […]

निर्मला तोदी के कविता संग्रह ‘सड़क मोड घर और मैं’ के लोकार्पण कार्यक्रम की एक रपट

निर्मला तोदी की कविताएँ हम पहले भी ‘पहली बार’ ब्लॉग पर पढ़ चुके हैं। निर्मला की कविताएँ प्रायः ऐसे विषयों को ले कर होती हैं जिनके बारे में और लोग बात नहीं करते। एक अलग किस्म की कल्पनाशीलता उन्हें औरों से अलगाती है। अभी हाल ही में कवयित्री निर्मला तोदी का एक कविता संग्रह ‘सड़क […]

मनोरंजन कुमार तिवारी की कविताएँ

मनोरंजन कुमार तिवारी स्त्रियों के प्रति पुरुषों की तमाम बनी-बनायी अवधारणायें प्राचीन समय से ही चली आ रही हैं. इसी बिना पर वह उस स्त्री को नैतिक मान बैठता है जो उसके प्रतिमानों पर खरा उतरती हैं, जब कि उस स्त्री को  अनैतिक, कुलटा और न जाने क्या-क्या उपाधियाँ देने लगता है जो उसके प्रतिमानों […]

स्वप्निल श्रीवास्तव की कविताएँ

स्वप्निल श्रीवास्तव यह दुनिया आज जो इतनी खूबसूरत दिख रही है उसकी खूबसूरती में उन तमाम लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है जिन्होंने अनाम रह कर इसकी बेहतरी के लिए अपना जीवन खपा दिया। इन लोगों ने कहीं पर भी अपने नाम नहीं उकेरे।आज देखने में भले ही आग और पहिये के आविष्कार बहुत सामान्य लगें […]

प्रज्ञा की कहानी ‘मन्नत टेलर्स’

प्रज्ञा परिचय –                                                जन्म  28 अप्रैल 1971, दिल्ली शिक्षा- दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में पी-एच. डी.। प्रकाशित किताबें- कहानी संग्रह ‘तक्सीम’ (2016) नाट्यालोचना- ‘नुक्कड़ नाटक: रचना और प्रस्तुति’ राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से 2006 में प्रकाशित। वाणी प्रकाशन से नुक्कड़ नाटक-संग्रह ‘जनता के बीच जनता की बात’, (2008)। ‘नाटक से संवाद’ अनामिका प्रकाशन […]

अजय कुमार पाण्डेय द्वारा संपादित कविता-संग्रह पर रामजी तिवारी की समीक्षा

बाल-साहित्य के बारे में प्रख्यात गीतकार और शायर गुलज़ार ने एक बार कहीं यह कहा था कि, ‘अच्‍छा बाल साहित्‍य वह है जिसका आनंद बच्‍चे से ले करबड़े तक ले सकें।’ बाल साहित्य की यह वह परिभाषा है जो उसे अब तलक बनाए गए खांचों से स्वतन्त्र करती है। हालांकि इस परिप्रेक्ष्य में लगभग दो […]

आशीष बिहानी की कविताएँ

आशीष बिहानी मेरा नाम आशीष बिहानी है। मैं बीकानेर से हूँ और वर्तमान में कोशिका एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र, हैदराबाद में पी-एच. डी. कर रहा हूँ। मेरा पहला संग्रह “अंधकार के धागे” हिन्द-युग्म द्वारा दिसंबर २०१५ में प्रकाशित किया गया। इसके अलावा मेरी कविताएँ ‘संभाव्य’, ‘अनुनाद’, ‘समालोचन’, ‘यात्रा’, ‘गर्भनाल’ द्वारा प्रकाशित की गयीं हैं। […]