रमेश उपाध्याय का संस्मरण ‘इब्राहीम शरीफ : स्वतन्त्र लेखन की चाह का एक दुखांत’

रमेश उपाध्याय संस्मरण केवल उस विशेष व्यक्ति, जो कि उसका लेखक होता है, की ही आपबीती नहीं होता बल्कि उसमें अपने समय का एक इतिहास भी होता है. कहानीकार और सम्पादक रमेश उपाध्याय के इस संस्मरण से हमें न केवल उस समय के उनके खानाबदोशी के जीवन, रोजगार की जद्दोजहद  बल्कि इब्राहीम शरीफ जैसे उम्दा […]

कमाल सुरेया की कविता (अनुवाद- यादवेन्द्र पाण्डेय)

कमाल सुरेया स्त्रियों की स्थिति इस पूरी दुनिया में लगभग एक जैसी है. उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हर देश काल परिस्थिति में होता आ रहा है. कमाल सुरेया की कविता को पढ़ कर कुछ ऐसा ही लगता है.  ‘एक दिन स्त्री चल देती है चुपचाप दबे पाँव’ कविता की आख़िरी पंक्तियाँ तो जैसे […]

गोपी कृष्ण गोपेश की किताब ‘विदेशों के महाकाव्य की शम्सुर्रहमान फारूकी द्वारा लिखी गयी भूमिका

गोपी कृष्ण गोपेश का जन्म 11 नवम्बर 1925 को हुआ था। इन्होने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम. ए. करने के पश्चात शोध कार्य किया। ‘किरण’, ‘धूप की लहरें’ (गीत-संग्रह); ‘तुम्हारे लिए’ (कविता संग्रह); ‘अर्वाचीन और प्राचीन से परे’ (रेडियो नाटक); ‘सोने की पत्तियां’ (विविध रचना संग्रह) शोलोखोव के विश्व-प्रसिद्द उपन्यास ‘तीखी दोन’ के 4 खंडों के […]

हरीश चन्द्र पाण्डे की कविताएँ.

हरीश चन्द्र पाण्डे हरीश चन्द्र पाण्डे की कविताएँ प्रायः ही ऐसी साधारण बातों को ले कर शुरू होती हैं जो हमें एकबारगी अत्यन्त साधारण लग सकती हैं. लेकिन ज्यों-ज्यों हम पंक्ति दर पंक्ति उनकी कविताओं में आगे बढ़ते हैं त्यों-त्यों जैसे जीवन में आश्चर्य-लोक की सैर करते चलते हैं. यह आश्चर्य-लोक भी ऐसा जो बिल्कुल […]

उमाशंकर सिंह परमार की किताब ‘प्रतिरोध का वैश्विक स्थापत्य’ पर नासिर अहमद सिकन्दर की समीक्षा

उमा शंकर सिंह परमार युवा आलोचक उमा शंकर सिंह परमार की हाल ही में दो महत्वपूर्ण आलोचनात्मक पुस्तकें प्रकाशित हुईं हैं. ये हैं – ‘प्रतिपक्ष का पक्ष’ और ‘प्रतिरोध का वैश्विक स्थापत्य’. इन पुस्तकों, विशेष तौर पर दूसरी पुस्तक को आधार बना कर कवि-आलोचक नासिर अहमद सिकन्दर ने एक समीक्षा लिखी है. इस समीक्षा को […]

आरसी चौहान की कविताएँ

आरसी चौहान जन्म – 08 मार्च 1979, चरौवां, बलिया, उ. प्र. शिक्षा- परास्नातक-भूगोल एवं हिन्दी साहित्य, पी0 जी0डिप्लोमा-पत्रकारिता, बी. एड., नेट-भूगोल सृजन विधा- गीत,  कविताएं, लेख एवं समीक्षा आदि प्रसारण- आकाशवाणी इलाहाबाद, गोरखपुर एवं नजीबाबाद से प्रकाशन-  नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कादम्बिनी, अभिनव कदम, इतिहास-बोध, कृति-ओर, जनपथ, कौशिकी, हिम-तरू, गुफ्तगू,  तख्तो-ताज, अन्वेषी, गाथान्तर, सर्वनाम,  हिन्दुस्तान सहित […]

नरेन्द्र कुमार की कविताएँ

नरेन्द्र कुमार परिचय― जन्म – 06. 06. 1980 शिक्षा – एम0 ए0 (हिन्दी) प्रकाशन – कुछ रचनाएँ विभिन्न दैनिकों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित। सम्प्रति – सरकारी सेवा आम जनता का दुःख-दर्द वही जान-समझ सकता है जो उससे किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ हो। पञ्च-सितारा होटलों में बैठ कर इस दुःख-दर्द के बारे में […]

लाल बहादुर वर्मा का आलेख ‘जनतन्त्र और कुलीनता’।

लाल बहादुर वर्मा भारत दुनिया का सब से बड़ा जनतन्त्र है। जनतन्त्र की राह में सबसे बड़ा अवरोध होता है– ‘अभिजात्यता-बोध’। ‘अभिजात्यता-बोध’ का मतलब है बड़े होने का एक झूठा-बोध। एक आधार-रहित दंभ। यह दम्भ जातीय, नस्लीय, धार्मिक, विद्वता, धन-संपत्ति आदि से कुछ इस तरह निर्मित होता है, कि हमारे आत्म में गहरे तक पैठ […]

अमरेन्द्र कुमार शर्मा का आलेख ‘दूसरी परंपरा की खोज’ : इनकाउंटर

नामवर सिंह इसमें कोई दो राय नहीं कि नामवर सिंह हमारे समय के श्रेष्ठ आलोचक हैं. लेकिन ऐसा भी नहीं, कि केवल इसी बिना पर  उनकी आलोचना न की जा सके. युवा कवि-आलोचक अमरेन्द्र कुमार शर्मा ने ‘वाह-वाह’ या ‘अहो-अहो’ की परम्परा से अलग हट कर उनकी महत्वपूर्ण किताब ‘दूसरी परम्परा की खोज’ का इनकाउंटर […]

समीर कुमार पाण्डेय की कविताएँ।

समीर कुमार पाण्डेय महान बांग्ला कवि चंडीदास ने कहा था ‘सबसे ऊपर मानव-सत्य है, उस से ऊपर कोई नहीं।’ एक कवि के साथ-साथ किसी भी समय-समाज के मनुष्य के लिए इससे बड़ा सत्य और कुछ हो भी नहीं सकता। लेकिन इस संसार में होता है ठीक इसका उलटा। सारे ताम-झाम में मनुष्यता सबसे पीछे हो […]