दीपावली पर हिन्दी कविताएँ

  दीपावली पर पहली बार की तरफ से बधाई एवं शुभकामनाओं के साथ इस उत्सव पर कुछ महत्वपूर्ण कवियों की कविताएँ आप सब के लिए प्रस्तुत है.    दीपावली पर हिन्दी कविताएँ नजीर अकबराबादी दिवाली नज़ीर अकबराबादी हमें अदाएँ दिवाली की ज़ोर भाती हैं।कि लाखों झमकें हर एक घर में जगमगाती हैं।।चिराग जलते हैं और […]

सपना सिंह की कहानी ‘जायेगी कहाँ ….?’

सपना सिंह परिचय जन्म तिथि – 21 जून 1969, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश शिक्षा – एम.ए. (इतिहास, हिन्दी), बी.एड. प्रकाशित कृतियॉँ – धर्मयुग, साप्ताहिक हिन्दुस्तान के किशोर कालमों से लेखन की शुरूआत, पहली कहानी 1993 के सिम्बर हंस में प्रकाशित …  लम्बे गैप के बाद पुनः लेखन की शुरूआत,  अब तक – ‘हंस’, ‘कथादेश’, ‘परिकथा’, ‘कथाक्रम’, […]

भास्कर चौधुरी की कविताएँ

भास्कर चौधुरी परिचय जन्म : 27अगस्त,1969, रामानुजगंज, सरगुजा (छ.ग.) शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी व अंग्रेजी), बी. एड. प्रकाशनः एक काव्य संकलन ‘कुछ हिस्सा तो उनका भी है’ प्रकाशित। लघु पत्रिका ‘संकेत’ का छठां अंक कविताओं पर केंद्रित। गद्य की किताब बोधि प्रकाशन से प्रकाशनाधीन। कविताएं, समीक्षाएं, संस्मरण आदि ‘समकालीन सूत्र’, ‘सर्वनाम’, ‘कृति ओर’, ‘ज्ञानोदय’, ‘समावर्तन’, […]

कमलजीत चौधरी की कविताएँ

कमलजीत चौधरी परिचय  ‘हंस‘, ‘मंतव्य‘, ‘अनहद‘, ‘नया ज्ञानोदय‘, ‘गाथान्तर‘, ‘रेतपथ‘, ‘यात्रा‘, ‘हिमाचल मित्र’, ‘बया’, ‘अभिव्यक्ति’, ‘दस्तक’, ‘अभियान’, ‘अक्षर पर्व’, ‘परस्पर’, सृजन-संदर्भ’, ‘शब्दयोग’, ‘चिंतन दिशा’, ‘उत्तर प्रदेश’, ‘लोक गंगा’, ‘शीराज़ा’, ‘युगवाणी’, ‘शब्द सरोकार’, ‘अमर उजाला’, ‘दैनिक जागरण’, ‘दैनिक भास्कर’  आदि पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ, समीक्षाएँ और आलेख प्रकाशित।‘स्वर एकादश (सम्पादन) – राज्यवर्द्धन शतदल (सम्पादन) विजेंद्र   और ‘तवी जहां से […]

गौतम राजरिशी का आलेख ‘कविता की कॉन्सपिरेसी थ्योरी’

गौतम राजरिशी युवा कवि गौतम राजरिशी ने कविता के संदर्भ में कई एक महत्वपूर्ण पाठकीय सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि गौतम ने अपने आलेख का शीर्षक ही दिया है ‘कविता की कॉन्सपिरेसी थ्योरी’। इस आलेख में जहाँ एक तरफ मुक्तिबोध की ‘अँधेरे में’ कविता की दुर्बोधता के समक्ष राजकमल चौधरी की महत्वपूर्ण कविता ‘मुक्ति […]

संजय कुमार शाण्डिल्य की कविताएँ।

संजय कुमार शाण्डिल्य अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी संकोच या भय की वजह से वे बातें नहीं कह पाते जो अपने समय की जरुरी और ईमानदार बातें होती हैं। एक कवि इसे न केवल महसूस करता है बल्कि अपनी कविता में इसे कुछ इस तरह दर्ज करता है ‘जो मैं बोल नहीं पाता […]

दूधनाथ सिंह की कहानी ‘चूहेदानी’।

प्रख्यात कथाकार दूधनाथ सिंह ने आज अपने जीवन के अस्सी वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर उन्हें पहली बार परिवार की तरफ से जन्मदिन की बधाई देते हुए हम उनके समृद्ध रचनात्मक जीवन की कामना करते हैं।आइए,इस अवसर पर पहली बार पर हम पढ़ते हैं उनकी ही एक कहानी– ‘चूहेदानी’। चूहेदानी दूधनाथ सिंह […]

वैभव सिंह का आलेख ‘आस्था के अंधकार’

हम भारत के लोग खुद के उदारवादी होने का दावा करते नहीं थकते। लेकिन स्वयं कई तरह की कट्टरताओं और पूर्वाग्रहों से इस कदर आक्रान्त होते हैं कि दूसरों की नजर में हमारा चेहरा विकृत दिखायी पड़ने लगता है। इस से बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है कि अहिंसा के अस्त्र से देश के […]

विष्णु प्रभाकर की डायरी

विष्णु प्रभाकर पत्रकारिता का पेशा अपने आप में बड़ा चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद युवाओं को कैरियर के रूप में अपनी तरफ अधिकाधिक आकर्षित करता रहा है। लेकिन यहाँ के अंदरखाने की हकीकत बहुत ही त्रासदीपूर्ण है। जब युवा इस हकीकत से रु-ब-रु होता है तो उसका मोह-भंग हो जाता है। दुर्भाग्यवश आज मीडिया उस पालतू […]

लाल बहादुर वर्मा का आलेख – ‘इतिहास लेखन और दर्शन’।

लाल बहादुर वर्मा इतिहास अपने अतीत के यथार्थ को जानने का एक मात्र वस्तुनिष्ठ माध्यम है। ऐसे में इतिहास सही हो यह आवश्यक होता है। क्योंकि वह हमारे भविष्य की निर्मिति में भी एक बड़ी भूमिका निभाता है। इस क्रम में इतिहासकार को निर्मम होना पड़ता है। उसे तथ्यों का विवेचन करते समय खुद अपने, […]